शिक्षक दिवस पर हास्य कविताएं और शायरियां - shikshak par hasya kavitayen

💥शिक्षक पर हास्य कविता💥

शिक्षक पर हास्य कविता
शिक्षक पर हास्य कविता

शिक्षक पर हास्य कविता - आज टीचर्स डे के मोके पर में आपके लिए कुछ हास्यास्पद कविताएं लेकर आया हूँ। जो मेरी तरफ से आपके लिए बेस्ट कविताएं हो सकती है तो चलिए अपने शिक्षकों की वो छोटी छोटी बातें को एक याद के रूप में संजोते हुए आप सभी स्टूडेंट्स को बताते है कुछ हास्य कविताएं जो हास्य के साथ साथ गुरु और शिष्य के मध्य के बंधन को भी दर्शाएगी।

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शिक्षक पर हास्य कविताएं और शायरियां - teachers day hasya kavita


मेरे शिक्षक ये बेचारे 
बच्चो की हरकत के ये मारे 
पिटे चपल के सहारे 
इनमे फस कर रह गये सारे 
अच्छे शिक्षक ये हमारे

⍞mere sikshak ye bechare
bacho ki harkat ke ye mare
pite chapl ke sahare
enme fas kar rha gye sare
ache sikshak ye hmare⍞

शिक्षक पर हास्य कविता
शिक्षक पर हास्य कविता



गुरु जी पूरा काम करने की वजह ना पूछो 
जितना कर रखा है उतना ही काफी है 
वरना हम तो इसे भी न करते...... 
मगर याद आया की गुरूजी के हाथो में अभी जान भी बाकी है 

⍞guru ji pura kam karne ki vajah na puchho
jitna kar rakha ha utna hi kafi ha 
varna hum to ese bhi n karte......
magar yaad aaya ki guruji ke haton me abhi jaan bhi baaki ha⍞

शिक्षक का ज्ञान भेझे में घुसा रखा है 
तभी तो इन मोटे गालों को सुजवा रखा है 

sikhshak ka gyan bhejhe me ghusa rakha ha 
tabhi to en mote galon ko suja rkha ha


बच्चो की फुस फसाहत उनकी ये हरकते टीचर को सता रही है 
टीचर की आँखे बच्चो को घूरे जा रही है 
उनको अपनी तरफ बुला रही है 
टीचर की आँखे सिर्फ उन्हें ही ताके जा रही है 
वो बच्चों को डरा रही है 
वो उनसे लड़ना चाह रही है 
बच्चो की फुस फुसाहट उनकी ये हरकते टीचर को सता रही है 

⍞bacho ki fus fusaht unki ye harkte teacher ko sta rhi ha
teacher ki aankhe bacho ko ghure ja rhi ha
unko apni traf bula rhi ha
teacher ki aankhe sirf unhe hi taake ja rhi ha
vo bacho ko dra rhi ha
vo unse ladna chah rhi ha
bacho ki fus fusaht unki ye harkte teacher ko sta rhi ha


सीधे साधे बच्चो की भी आदत होती है बचकानी
थोड़ा उल्टा सीधा करने पर होती है परेशानी  
फिर मास्टर जी के डंडो से ही याद आये उन्हें नानी 

 


अध्यापिका पर हास्य कविता - shikshak par hasya kavita


पीटने का डर सता रहा है 
देखो ..... 
टीचर इसी तरफ आ रहा है 

pitne ka dar sta rha ha
dekhho....
teacher esi tarfa aa rha ha

अध्यापक की मार से पढ़ा हूँ में 
तभी तो आज तुम्हारे सामने खड़ा हूँ में 

 

⍞adhyapk ki maar se padha hun me tabhi ro aaj tumhare samne khhda hun⍞

 

जब से टीचर की मार गालों से लगा रखी है 
तब से ये आँखे किताबो में ही गड़ा रखी है 


⍞jab se teacher ki maar galon se laga rakhi ha
tab se ye aankhe kitabo me gda rakhi ha

गुरु का ज्ञान बच्चे तभी लेते है जब उन्हें डंडे की पहचान बताई जाती है 

⍞guru ka gyan bachhe tabhi lete ha jab unhe dande ki pahachan btae jati ha

पेपर में नंबर आते चार 
फिर होती डंडे की भरमार 
में पीटता टीचर से हर बार 
बस इतना ही मेरा ये संसार 

⍞paper me numbar aate char
fir hoti dande ki bharmar
me pitta teacher se har baar
bas etna hi mera ye sansar⍞ 



रातो की नींद उड़ा रखी है 
इस डंडे ने अपनी एक धौंस जाम रखी है 
बचपन की नीव हिला रखी है 
बच्चो की पीठ सुजा रखी है 

⍞raton ki nind uda rakhi ha
es dande ne apni ek dhons jama rakhi ha
bchapn ki niv hila rakhi ha
bacho ki pitha suja rkhi ha

Last Line For Teachers Par Hasya kavitayen - शिक्षक पर हास्य कविता

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